➤ देवरी खनेटी में 38.08 करोड़ की उठाऊ पेयजल योजना का उद्घाटन
➤ पब्बर नदी से 23 पंचायतों को मिलेगा पेयजल, 63 गांव होंगे लाभान्वित
➤ उपमुख्यमंत्री ने 1.82 करोड़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी किया शुभारंभ
जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के लिए मंगलवार का दिन विकास के लिहाज से बेहद ऐतिहासिक रहा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कोटखाई के देवरी खनेटी में 38.08 करोड़ रुपये की लागत से तैयार पब्बर नदी आधारित उठाऊ पेयजल योजना का लोकार्पण किया। करीब 17 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी योजना से क्षेत्र की लगभग 23 पंचायतों को सीधा लाभ मिलेगा, जबकि 63 गांवों के हजारों लोग इससे जुड़ेंगे। लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे इलाके के लिए इसे बड़ी राहत माना जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में जल शक्ति विभाग की लगभग 300 करोड़ रुपये की परियोजनाएं विभिन्न चरणों में चल रही हैं, जिन्हें तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की पेयजल, परिवहन और अन्य विकास संबंधी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
इस अवसर पर उन्होंने 1 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवरी खनेटी का भी उद्घाटन किया। इस स्वास्थ्य केंद्र के शुरू होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर और नजदीकी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उन्हें उपचार के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने अपने संबोधन में हिमाचल के विकास में योगदान देने वाले नेताओं को याद करते हुए डॉ. यशवंत सिंह परमार, वीरभद्र सिंह और रामलाल ठाकुर के प्रयासों को सराहा। उन्होंने कहा कि इन नेताओं की दूरदर्शिता और अथक प्रयासों की बदौलत हिमाचल आज विकास के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
उन्होंने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की भी खुलकर सराहना की और कहा कि क्षेत्र के लोगों के प्रति उनका समर्पण और कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की क्षमता उन्हें एक मजबूत जननेता बनाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में रोहित ठाकुर ने कई क्रांतिकारी फैसले लिए हैं, जिनमें सरकारी स्कूलों को CBSE से जोड़ना, आधुनिक शिक्षा उपकरण उपलब्ध कराना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना शामिल है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इसे विधानसभा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि यह सबसे बड़ी उठाऊ पेयजल योजना है, जो क्षेत्र की वर्षों पुरानी पानी की समस्या का समाधान करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं।
उन्होंने बताया कि इस दौरान क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय, सब-जज कोर्ट, वेटरनरी अस्पताल, आदर्श स्वास्थ्य संस्थान और लगभग 172 सड़कों को मंजूरी मिली है। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में 151 CBSE स्कूलों की स्वीकृति, युवाओं को पक्की नौकरियां और शिक्षा गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि NAS रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में 21वें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच गया है, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य की साक्षरता दर 99.30 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो देश में सर्वाधिक है।



